हजारों करोड़ रुपए स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर खर्च किए जा रहे हैं लेकिन फिर भी मरीज भगवान के भरोसे हैं।
दरअसल राजस्थान में धरती का भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर बीते छह दिनों से हड़ताल पर हैं। इस दौरान इलाज के अभाव में 35 मरीजों की जान जा चुकी है। हालात इतने विकट हैं कि अजमेर के जेएलएन अस्पताल में दो दिन के भीतर 22 मरीज दम तोड़ चुके हैं।
राजस्थान सरकार और राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ के मध्य लंबे समय से खींचतान चल रही है। इसी का नतीजा है कि नवंबर माह भी राजस्थान में डॉक्टरों ने सात दिन की हड़ताल की थी। इस दौरान भी 30 मरीजों की मौत हुई थी।