किसी फिल्म का विरोध एक व्यक्ति की जान का दुश्मन बन सकता है यह शायद अकल्पनीय बात है। एक मामले में जनता बड़ी बेसब्री से परिणाम का इंतजार कर रही है।
जयपुर में कथित तौर पर पद्मावती फिल्म के विरोध में आत्महत्या करने वाले चेतन सैनी की मौत का राज गहराता जा रहा है। मौत के कारणों के साथ अब पुलिस जांच पर भी सवाल उठ रहे है कि जांच किस दिशा में जा रही है। क्योंकि जांच से जुड़े अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ चुके है कि आगे की जांच एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर ही की जाएगी।
हालांकि पुलिस महकमा चेतन सैनी की मौत को आत्महत्या साबित करने पर जुटा है। लेकिन मौके के साक्ष्यों के आधार पर चेतन सैनी के परिजन दावा कर रहे हैं कि ये हत्या है। इधर, कुछ विशेषज्ञों ने भी पुलिस के आत्महत्या के दावे को साक्ष्यों के आधार पर गलत साबित करने का प्रयास किया है।
क्राइम सीम पर पुलिस की लापरवाही
वहीं बुर्ज पर एक जूता सलीके से रखा हुआ था
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क्राइम सीन पर पुलिस की लापरवाही और अधिकारियों के देर से पहुंचने पर उठे सवालों का जवाब देने को कोई तैयार नहीं है। वहीं प्राथमिक तौर पर पुलिस को मिली एफएसएल रिपोर्ट को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
जानकारी के अनुसार इस रिपोर्ट में जो रस्सी इस्तेमाल हुई या चेतन सैनी के शरीर पर निशान आदि की जानकारी है। वहीं पुलिस ने जो नमूने एफएसएल लैब में भेजे है उनकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है।
ये है पूरा मामला, जानिये
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गौरतलब है कि बीते 24 नवंबर को जयपुर के नाहरगढ़ फोर्ट की प्राचार पर एक शव लटका मिला था। जिसकी पहचान चेतन सैनी के तौर पर हुई थी। वहीं प्रचीर के पत्थरों पर फिल्म पद्मावती के विरोध में कुछ बातें भी लिखी मिली थी। जिसके बाद माना जा रहा था कि इस व्यक्ति ने फिल्म के विरोध में आत्महत्या कर ली है। लेकिन अभी तक पुलिस यह साबित नहीं कर सकी है कि यह हत्या थी या आत्महत्या।