चार साल से एक पिता अपनी मासूम बच्ची की अस्थियां लिए एक सवाल उठाए जा रहा है, लेकिन उसे अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।
चाइनीज मांझे का शिकार बनी मासूम चंचल की चहक अब भी घर के आंगन में परिजनों को महसूस होती है। दरअसल करीब चार साल पहले जवाहर लाल नेहरू मार्ग स्थित वेंकटेश मंदिर के पुजारी प्रमोद दाधीच की बच्ची के साथ ये वाकया हुआ।
छह साल की बच्ची चंचल अपने पिता के साथ जा रही थी। चंचल को नहीं पता था कि कुछ ही दूरी पर मौत उसका इंतजार कर रही है। एकाएक धारदार मांझा आया और बच्ची का गला काट गया। पिता की आंखों के सामने बच्ची तड़पती रही और उसने दम तोड़ दिया।
अपनी बेटी को आंखों को सामने दम तोड़ता देख बेबस पिता की हिम्मत भी जवाब दे गई। इस वाकये को चार साल गुजर गए हैं।