नोटबंदी के दौरान अवैध तरीके से पांच सौ और एक हजार के नोट बदलने के आरोप में एसबीआई के चीफ कैशियर तथा दो अन्य के खिलाफ आज सीबीआई मामलों की विशेष अदालत क्रम-1 में आरोप पत्र पेश किए।
सीबीआई ने नोटबंदी के बाद अवैध तरीके से नोट बदलने के आरोप में एसबीबीजे बैंक के चीफ केशियर योगेन्द्रसिंह मीणा व दो अन्य राजेन्द्र सिंघल व जितेन्द्र सिंह के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया है। वहीं अदालत ने तीनों आरोपियों की जमानत अर्जियों को भी खारिज कर दिया है।
सीबीआई की ओर से अदालत को बताया गया कि केन्द्र सरकार ने 8 नवंबर 2016 को पांच सौ और एक हजार के नोट का प्रचलन बंद किया था। एसबीबीजे बैंक की दौसा स्थित कलक्ट्रेट शाखा के बैंक मैनेजर को जानकारी मिली की आरोपियों ने मिलीभगत कर एक करोड़ एक लाख रुपए के नोट गलत तरीके से बदले हैं।
इस पर बैंक मैनेजर की ओर से सीबीआई में शिकायत पेश की गई। जिस पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने चीफ कैशियर सहित दो अन्य को आरोपी मानते हुए अदालत में चालान पेश किया है। वहीं दूसरी तरफ आरोपियों की ओर से जमानत अर्जियां पेश की गई। जिन्हें अदालत ने खारिज कर दिया।