अलवर के बहरोड़ में कथित गौ-तस्कर मौत मामले में प्रतिदिन नए-नए बयान सामने आ रहे हैं। राज्य के गृहमंत्री ने गुलाब चंद कटारिया ने कहा है कि गौ-वंश ले जा रहे लोगों के पास ट्रांजिट परमिट नहीं था। कटारिया के अनुसार ट्रांसपोर्टर ने गौवंश ले जाने के लिए परमिट नहीं लिया था।
गृहमंत्री का कहना है कि गौवंश ले जाने के लिए क्षेत्र के एसडीएम की परमिशन आवश्यक है। कथित गौ-तस्कर मामले में सोमवार को केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह राज्यसभा में जानकारी देंगे। वहीं घटना के आठ दिन बाद रविवार को आईजी हेमंत प्रियदर्शी बहरोड़ पहुंचे। यहां उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधिकारियों व निजी अस्पताल के चिकित्सकों से घटना की जानकारी ली।
आईजी ले गए रिपोर्ट
बहरोड़ पहुंचे आईजी हेमंत ने पुलिस अधिकारियों के साथ निजी अस्पताल के चिकित्सकों से भी घटना की जानकारी ली। आईजी अपने साथ मृतक की सीटी स्कैन व एक्स-रे रिपोर्ट अपने साथ ले गए है। निजी अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार सिटी स्कैन रिपोर्ट तो नॉर्मल थी, जबकि एक्सरे में पसलियां टूटने की जानकारी हैं।
यह है मामला
गौरतलब है कि एक अप्रेल को बहरोड़ में कथित गौ-तस्करों के साथ गौ-रक्षकों ने मारपीट की थी। जिसके बाद तीन अप्रेल को बहरोड़ के एक निजी अस्पताल में एक कथित गौ-तस्कर पहलू खान की मौत हो गई थे। इसके बाद से यह मामला देश की संसद से लेकर मीडिया की सुर्खियां बना हुआ है।
इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था, जिसमें पुलिस के अनुसार अवैध रुप से गौवंश ले जाने के आरोप में कई लोगों पर केस दर्ज किया गया है। जबकि मारपीट के आरोप में नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। पुलिस ने मारपीट करने वाले चार लोगों को गिफ्तार कर लिया है।