राजस्थान हाईकोर्ट ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय, किशनगढ अजमेर से निलंबित छात्रों को राहत देने से इंकार करते हुए कहा है कि याचिकाकर्ता विवि अधिकरण के समक्ष अपना पक्ष रखें। यदि अधिकरण में उनके पक्ष में फैसला आता है तो विवि उनकी परीक्षा आयोजित करने के लिए अलग से व्यवस्था करे।
हाईकोर्ट की एकलपीठ ने यह आदेश शुभम शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका का निस्तारण करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि मैस में खाने की बात पर छात्रों और कर्मचारियों के बीच हुए झगडे के करीब एक माह बाद गत दिनों परीक्षा के बीच में याचिकाकर्ताओं को निलंबित कर दिया गया। निलंबन कार्रवाई के दौरान उन्हें सुनवाई का मौका भी नहीं दिया गया। ऐसे में उनके निलंबन को बहाल किया जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को विवि अधिकरण में अपना पक्ष रखने को कहा है।