राजस्थान हाईकोर्ट ने मास्टर प्लान की पालना करने के फैसले को नहीं मानने पर जेडीए को फटकार लगाई है। मामले के तहत जेडीए ने हाईकोर्ट के फैसले के विपरीत बीपीसी की बैठक में अपने स्तर पर निर्णय किए, जिस पर हाईकोर्ट ने बैठक के निर्णोयों का पालना नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
न्यायाधीश मनीष भंडारी ने यह आदेश प्रार्थी नरेंद्र सिंह खींची की याचिका को निपटाते हुए दिए हैं। ईमली वाला फाटक स्थित गणेश कॉलोनी निवासी नरेंद्र सिंह खींची ने अपने पड़ोसियों के खिलाफ सड़क पर अतिक्रमण को लेकर याचिका दायर की थी। जबकि पड़ोसियों का कहना था कि खींची ने स्वयं ही अतिक्रमण कर रखा है और वैसे भी जेडीए की बीपीसी बैठक में रेलवे ट्रैक के मध्य से सड़क 90 फीट चौड़ी रखने का फैसला हो चुका है। वहीं जेडीए की ओर से कहा गया कि पूर्व में लिए गए सभी निर्णय अब गुलाब कोठारी मामले में दिए गए हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार ही होंगें।
जेडीए इस फैसले की पालना में ही अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही करेगा क्योंकि जेडीए ने बीपीसी के उक्त फैसले तब किए थे जब मास्टर प्लान में मनमर्जी से बदलाव किए जा रहे थे।