राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षक के खिलाफ जारी रिकवरी वसूली के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। न्यायाधीश वीएस सिराधना की खंडपीठ ने यह आदेश प्रभुदयाल जाट की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता 1986 में वरिष्ठ अध्यापक नियुक्त हुआ था। वहीं उसे 9 नवंबर 2004 को वरिष्ठ वेतनमान का लाभ दिया गया। विभाग की ओर से उसे प्रिंसिपल बनाने के बाद तीस साल की सेवा पूरी होने पर एसीपी का लाभ दिया गया, लेकिन इसे देने से पहले विभाग ने पूर्व में दिए गए वरिष्ठ वेतनमान को गलत देना बताकर रिकवरी निकाल दी।
विभाग की ओर से गत 23 नवंबर को आदेश जारी कर रिकवरी वसूलने के निर्देश भी दिए गए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने रिकवरी आदेश पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।