राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा है कि औद्योगिक भूखंड के नए खरीदार से पुराने मालिक का बकाया उत्पाद शुल्क वसूल नहीं कर सकते। इसके साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता कंपनी को केन्द्रीय उत्पाद शुल्क की ओर से जारी 27 लाख रुपए के उत्पाद शुल्क वसूली के आदेश को रद्द कर दिया है।
न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीएस सिराधना की खंडपीठ ने यह आदेश अग्रदीप एंटरप्राइजेज की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने 22 मार्च 2001 को वीकेआई इलाके में राजस्थान फोम्स से एक औद्योगिक भूखंड खरीद कर रीको से उसे अपने नाम पर ट्रांसफर भी करवा लिया। इस दौरान उसे केन्द्रीय उत्पाद शुल्क विभाग ने भूखंड के पुराने मालिक मैसर्स राजस्थान फोम्स पर बकाया 27 लाख रुपए की वसूली का नोटिस दिया। जिसमें कहा गया कि यदि शुल्क का भुगतान नहीं हुआ तो भूखंड नीलाम कर दिया जाएगा। याचिका में कहा गया कि उत्पाद शुल्क उत्पादन से जुडा होता है। उसने राजस्थान फोम्स से भूखंड खरीदा है, पुराने उत्पादन से याचिकाकर्ता कंपनी का कोई लेना-देना नहीं है। याचिकाकर्ता ने भूखंड पर कोई उत्पादन भी नहीं किया है। ऐसे में पुराने मालिक के बकाया उत्पाद शुल्क की राशि चुकाने के लिए याचिकाकर्ता जिम्मेदार नहीं है। ऐसे में रिकवरी आदेश को रद्द किया जाए।
जिस पर सुनवाई करते हुए खंडपीठ ने विभाग के बकाया भुगतान के नोटिस को रद्द कर दिया है।