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राजस्थान में क्यों मिल सकती है लाखों मरीजों को राहत, जानें...

Tue, 07 Nov 2017 06:50 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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फाइल फोटो।
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धरती के भगवान कहे जाने वाले डाक्टरों के हड़ताल पर जाने के कारण राजस्थान में लाखों मरीजों की सांसें अटकी हुई है। लेकिन आज की सुबह आयी एक खबर  मरीजों की परेशानी कुछ कम कर सकती है। राजस्थान सरकार चिकित्सा सेवारत संघ से पुन: बातचीत के लिए तैयार हो गई है। इसके लिए संघ को आधिकारिक तौर पर न्यौता भेजा जाएगा और उम्मीद की जा रही है कि आज शाम चार बजे होने वाली इस वार्ता में कुछ हल अवश्य निकलेगाा। गौरतलब है कि बीत तीन माह से  आंदोलन कर रहे राजस्थान के करीब 10 हजार चिकित्सकों ने दो पूर्व सामूहिक इस्तीफा दे दिया था।
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कालीचरण सर्राफ
वहीं रविवार रात को चिकित्सा मंत्री से हुई वार्ता विफल होने के बाद मंगलवार से प्रदेश भर में चिकित्सक हड़ताल पर है। जिससे लाखों मरीजों ईलाज के लिए इधर—उधर भटक रहे है। हालांकि सरकार की ओर से कुछ इंतजाम अवश्य किए गए लेकिन वे नाकाफी ही साबित हो रहे है। वहीं अब राजस्थान के मुख्य सचिव अशोक जैन की ओर से वार्ता की पहल किए जाने के बाद समस्या का हल जल्द ही निकलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार राजस्थान के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सर्राफ की अध्यक्षता में यह वार्ता की जाएगी। 
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नहीं हो सका पोस्टमार्टम

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सीकर जिले कस्बे के रानोली थाना इलाके में पलसाना कस्बे में मंगलवार को सड़क पार करते समय रोडवेज बस ने बुजुर्ग को चपेट में ले लिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के शिकार बुजुर्ग के परिजनों को चिकित्सकों की हड़ताल के चलते पोस्टमार्टम के लिए घंटों इंतजार और परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में मृतक का जयपुर ले जाकर पोस्टमार्टम करवाना पड़ा।

मामले के अनुसार पलसाना कस्बे के खंडेला रोड पर रोडवेज बस की चपेट में आने से रॉयल रोड, खंडेला निवासी प्रभातीलाल बलाई 70 वर्ष की मौत हो गई। शव को पलसाना के राजकीय अस्पताल में लाया गया लेकिन चिकित्सकों की हड़ताल के कारण वहां पर पोस्टमार्टम नहीं हो सका। बाद में शव को जयपुर ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जयपुर ले जाना पड़ा।
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