चुनावी राजनीति के दौरान जातिगत समीकरणों को अपने पक्ष में करने के लिए सरकारें सभी तरह के पैंतरे अपनाती हैं।
ऐसा ही कुछ राजस्थान विधानसभा में भी देखने को मिला। जब सरकार ने गुर्जरों आरक्षण के लिए ऐसा बिल सदन में रखा, जिसके कोर्ट में फंसने के पूरे आसार हैं। गौरतलब है कि आगामी दिनों में राजस्थान में तीन उपचुनाव होने हैं, जिसमें अजमेर लोकसभा की सीट भी शामिल है।
इस सीट से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट लोकसभा चुनाव हार चुके हैं, जबकि वर्ष 2009 का चुनाव वे इस सीट से जीते थे। अजमेर लोकसभा क्षेत्र गुर्जर बाहुल्य माना जाता है, इसलिए विधानसभा में आए बिल को उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
अब राजस्थान सरकार गुर्जर सहित पांच अन्य जातियों को अलग से आरक्षण देने के लिए विधानसभा में नया बिल लेकर आई है। इस बिल पर चर्चा आज होगी।