विवाहिता को आए दिन दहेज लाने के लिए प्रताड़ित किया जाता था। आखिरकार उसने ऐसा कदम उठाया कि हर कोई दंग रह गया। अब मामले में कोर्ट ने आरोपी पति सहित अन्य को सजा सुनाई है।
दरअसल, जयपुर शहर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-13 ने दहेज हत्या के अभियुक्त पति मोहम्मद रफीक और उसकी चाची शमीर को दस साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही अदालत ने दहेज प्रताड़ना के आरोप में अभियुक्त के पिता राजुद्दीन और मां नीलम को तीन साल की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर पचास-पचास हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया कि बीकानेर निवासी परवीन का दस अगस्त 2006 को मोहम्मद रफीक के साथ निकाह हुआ था। निकाह के बाद से ही अभियुक्त उसे दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। इससे तंग आकर 28 फरवरी 2012 को परवीन ने बनीपार्क स्थित अपने ससुराल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना को लेकर मृतका के भाई शोकत ने बनीपार्क थाना पुलिस में अभियुक्तों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।