फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शवों के ढेर पर सरकार और डॉक्टर्स कर रहे राजनीति, दोनों ओर से दी जा रही धमकी

Wed, 27 Dec 2017 09:22 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
विज्ञापन
एक अस्पताल में बिना डॉक्टर के खाली पड़ी कुर्सी - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
नेताओं की निगाहों में आम आदमी के जान की कोई कीमत नहीं हैं तो दूसरी और धरती के भगवान का तमगा हासिल करने वाले डॉक्टर्स का व्यवहार भी यमराज सरीखा हो चला है। राजस्थान में इन दिनों मरीज तिल—तिल मरने को मजबूर है लेकिन सरकार और डॉक्टर्स की हठधर्मिता खत्म नहीं हो रही है।
विज्ञापन


राजस्थान बीते 11 दिनों से दस हजार से ज्यादा सरकारी चिकित्सक हड़ताल पर है। नतीजतन 100 से ज्यादा मरीजों की अब तक जान जा चुकी है। वहीं कोर्ट के आदेश के बाद भी चिकित्सक कार्य पर नहीं लौटे है। वहीं सरकार की ओर से हड़ताली चिकित्सकों की गिरफ्तारी और लाइसेंस रद्द करने तक की धमकी दी जा चुकी है।
विज्ञापन

दोनों ही पक्ष अपनी मांग पर अड़े

कालीचरण सर्राफ।
लेकिन हड़ताल खत्म नहीं हुई है। दरअसल 11 दिन से चली आ रही हड़ताल की जड़ में दो व्यक्ति की अहम भूमिका है। जिनमें एक है राजस्थान के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ और दूसरे है सेवारत डॉक्टर चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ अजय चौधरी।

जहां डॉ चौधरी अपने और 12 अन्य ​डॉक्टर्स के तबादले निरस्त करने की मांग पर अड़े है वहीं कालीचरण सराफ अपनी विवादस्पद बयानबाजी और रवैये के कारण सुर्खियों में है। मंगलवार को भी सरकार के तीन मंत्रियों के साथ हुई हड़ताली डॉक्टर्स की वार्ता विफल  हो गई। आज फिर से दोनों पक्ष वार्ता के लिए जुटेंगे। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें