राजस्थान हाईकोर्ट ने 29 मई को हो रहे राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के चुनाव में भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को मतदान करने की हरी झंडी दी है, हालांकि अदालत ने दिए गए मत को सीलबंद लिफाफे में रखने के आदेश दिए हैं।
न्यायाधीश महेन्द्र माहेश्वरी की एकलपीठ ने यह आदेश यंग फ्रेंडस क्रिकेट क्लब व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। वहीं एक अन्य समान प्रकृति के मामले में न्यायाधीश डीसी सोमानी ने सवाईमाधोपुर जिला क्रिकेट संघ की याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि एक बार चुनाव प्रक्रिया आरंभ होने के बाद उसमें दखल नहीं दिया जा सकता। यंग फ्रेंडस क्लब व अन्य की ओर से कहा गया कि याचिकाकर्ताओं व अन्य क्लब ने नियमानुसार चयनित अध्यक्ष व सचिव के नाम जिला क्रिकेट संघ को भेजे थे। इन पदाधिकारियों को जिला संघ के सचिव का चुनाव करना था।
याचिका में कहा गया कि जो नाम क्लबों ने भेजे थे, उनके स्थान पर किसी दूसरे व्यक्ति शत्रुघ्न तिवाड़ी को आरसीए चुनाव में मत डालने के लिए भिजवाया जा रहा है। इस संबंध में आरसीए चुनाव अधिकारी को भी शिकायत की गई, लेकिन चुनाव अधिकारी ने गत 16 अप्रैल को याचिकाकर्ताओं की आपत्ति को रद्द कर दिया। ऐसे में शत्रुघ्न तिवाडी को मत देने से रोका जाए।
वहीं, सवाईमाधोपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव बाल कृष्ण उपाध्याय ने याचिका दायर कर कहा कि आरसीए चुनाव में दीपकराज महाजन व जगजीतसिंह को जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारी के रूप में शामिल करने पर रोक लगाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने भरतपुर जिला संघ का मत सीलबंद लिफाफे में रखने का आदेश देते हुए सवाईमाधोपुर जिला संघ के सचिव बाल कृष्ण की याचिका को खारिज कर दिया।