राजस्थान हाईकोर्ट ने सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय में वर्ष 1988 से दैनिक वेतनभोगी के तौर पर काम कर रही चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी को नियमित करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने इस संबंध में राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए सिविल सेवा अपीलीय अधिकरण के बीस मई 1999 के आदेश को बरकरार रखा है।
अधिकरण ने महिला कर्मचारी की शैक्षणिक योग्यता को ध्यान में नहीं रखते हुए उसे नियमित करने के आदेश दिए थे। न्यायाधीश अशोककुमार गौड़ की एकलपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए दिए।
राज्य सरकार की ओर से अधिकरण के आदेश को यह कहते हुए चुनौती दी गई थी कि महिला कर्मचारी छोटी देवी तय शैक्षणिक योग्यता नहीं रखती है। ऐसे में उसे नियमित नहीं किया जा सकता। जिसका विरोध करते हुए कर्मचारी की ओर से अधिवक्ता आरडी मीणा ने बताया कि छोटीदेवी वर्ष 1988 में दैनिक वेतनभोगी के तौर पर चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्त हुए थी। दस साल की सेवा के बाद उसने अधिकरण में याचिका दायर कर नियमित करने की गुहार की। जिस पर अधिकरण ने बीस मई 1999 को आदेश जारी कर तीन माह में नियमित करने को कहा था। छोटी देवी की ओर से हाईकोर्ट को यह भी बताया गया कि वर्ष 1993 में राज्य सरकार ने स्क्रीनिंग कर दूसरे कर्मचारियों को नियमित कर दिया। इसके अलावा शैक्षणिक योग्यता में शिथिलता देने का प्रावधान है। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए छोटी देवी को नियमित करने के आदेश दिए हैं।