राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान विश्वविद्यालय के शिक्षकों की एसोसिएट प्रोफेसर से प्रोफेसर पद पर पदोन्नति और सेवानिवृत्त शिक्षकों के पेंशन परिलाभ के मामले में एकलपीठ के आदेशों को सही माना है।
इसके साथ ही अदालत ने विवि की ओर से पदोन्नति के मामले में एकलपीठ के 28 मई 2012 और पेंशन परिलाभ के मामले में गत वर्ष 22 जनवरी के आदेशों को चुनौती देने वाली अपीलों को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश अजय रस्तोगी और न्यायाधीश महेन्द्र माहेश्वरी की खंडपीठ ने यह आदेश राजस्थान विवि की अपीलों को खारिज करते हुए दिए।
विवि ने एसोसिएट पद से प्रोफेसर पद पर पदोन्नति के मामले में एकलपीठ के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें एकलपीठ ने शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ही करियर एडवांसमेंट स्कीम का लाभ देने को कहा था। जबकि पेंशन परिलाभ के मामले में एकलपीठ ने याचिकाकर्ता शिक्षकों को पांच अगस्त 2008 के ओदश से की गई सेवा अवधि की गणना के अनुसार पेंशन परिलाभ देने को कहा था।