राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को अपने आवास पर ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने अधिकारियों से कहा कि से रबी सीजन में फसलों की बुवाई को देखते हुए किसानों को भरपूर बिजली दी जाए।
सीएम गहलोत ने कहा कि बिजली कंपनियों को कर्ज का बोझ कम करने और पारेषण वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए दीर्घकालिक कार्य योजना तैयार करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि अधिकारी किसानों को ड्रिप सिंचाई और स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित करें।
मीडिया की खबरों की मानें तो बैठक में बिजली राज्य मंत्री भंवर सिंह भाटी भी थे। उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि दिसंबर 2018 से अब तक करीब ढाई लाख कृषि कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान जारी रहे
मुख्यमंत्री गहलोत ने एक और बैठक को संबोधित किया, उन्होंने कहा कि 'शुद्ध के लिए युद्ध' अभियान लगातार चलते रहना चाहिए ताकि खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले डरें।
आगे संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शुद्ध खाद्य उत्पाद प्राप्त करना नागरिकों का अधिकार है और खाद्य पदार्थों की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
साथ ही सीएम गहलोत ने मिलावट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग और चिकित्सा विभाग के बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही मिलावट की जांच करने वाली सभी जिलों में प्रयोगशालाएं स्थापित करने के निर्देश दिए।