विवादित फिल्म पद्मावत में इतिहास से छेड़छाड़ की बातों से अलग आज 4 दर्जन इतिहासकार रानी पद्मिनी के असल इतिहास से पर्दा उठाएंगे। आज चित्तौड़गढ़ में जौहर स्मृति संस्थान के बैनर तले 'महारानी पद्मिनी एक वास्तविकता' नामक एक सेमिनार का आयोजन होगा जिसमें बड़ी संख्या मेंं इतिहासकार और लेखक जुटेंगे और अपनी तरफ से इतिहास को लेकर चर्चा करेंगे।
जौहर स्मृति संस्थान के पदाधिकारी कानसिंह सुवावा ने बताया कि ये आयोजन शहर के गांधीनगर स्थित जौहर भवन में होगा जिसमें राजस्थान के साथ साथ अन्य प्रदेशों के इतिहासकार भी मौजूद रहेंगे। आयोजन के मुख्य सचिव प्रोफेसर लोकेंद्रसिंह ने बताया कि सेमिनार के बाद इतिहासकारों के तथ्यों और उनके विश्लेषण की एक रिपोर्ट तैयार होगी जिसे केंद्र एवं राज्य सरकार को भेजा जाएगा वहीं ये रिपोर्ट एनसीईआरटी और एआईआरटी को भी भेजी जाएगी जिससे किताबों में इतिहास का सही प्रकाशन हो सके।