राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल कर उसे वापस लेने वाले भाजपा के बागी लादूलाल पितलिया का एक वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसमें उन्होंने अपने परिवार पर कथित दबाव के चलते नामांकन वापस लेने की बात की है।
इस वीडियो के बारे में पितलिया से बात नहीं हो सकी। वहीं, भाजपा ने सोशल मीडिया पर वायरल पितलिया के एक कथित पत्र को कांग्रेस नेताओं का षड्यंत्र बताया। उल्लेखनीय है कि भीलवाड़ा जिले की सहाड़ा विधानसभा सीट पर आगामी उपचुनाव के लिए भाजपा से बगावत कर निर्दलीय के रूप में पर्चा दाखिल करने वाले पितलिया ने अपना नामांकन शुक्रवार को वापस ले लिया था।
भाजपा की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पितलिया ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की लोक कल्याणकारी नीतियों में विश्वास जताते हुए हमेशा भाजपा की सेवा करने का फैसला लिया है। इस बीच, पितलिया का एक वीडियो, कथित पत्र व ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस ऑडियो में वह कहते सुनाई दे रहे हैं कि उन पर नामांकन वापिस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री गहलोत को लिखे पत्र में धमकी की बात
इसी तरह, पितलिया ने अपने कथित हस्तलिखित पत्र में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से परिवार की सुरक्षा की मांग करते हुए लिखा है कि सहाड़ा से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करने के बाद से ही उनके परिवार को परेशानियों व धमकियो का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अपना नामांकन वापस लेने के लिए धमकाया जा रहा है।
दूसरी तरफ, सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में पितलिया कह रहे हैं,'मैंने सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र की सेवा करने के लिए ही निर्दलीय नामांकन दाखिल किया और मेरे परिवार पर कुछ दबाव हुआ था उसके लिए मैंने नामांकन वापस लिया है। मैं सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र में काम करता रहूंगा।'
भाजपा का आरोप कांग्रेस का षड्यंत्र
हालांकि, नामांकन वापस लेने के बाद पितलिया की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कई बार प्रयास के बावजूद उनसे इस संबंध में बात नहीं हो सकी जबकि भाजपा ने पत्र को कांग्रेस का षड्यंत्र करार दिया है। पितलिया द्वारा नामांकन वापसी के समय उनके साथ मौजूद रहे भाजपा के प्रदेश मंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने कहा, 'वायरल पत्र का मामला झूठी अफवाह है, यह कांग्रेस के नेताओं का षड्यंत्र है।'
2018 में भी नहीं दिया था टिकट
उल्लेखनीय है कि मूल रूप से भाजपा में रहे पितलिया को पार्टी ने 2018 के चुनाव में भी टिकट नहीं दिया था। तब वह बागी होकर निर्दलीय के रूप में चुनाव मैदान में उतर गए थे। उन्हें 30,573 वोट मिले थे और वह तीसरे स्थान पर रहे थे। उनकी बगावत का नुकसान कहीं न कहीं भाजपा के उम्मीदवार रूपलाल जाट को उठाना पड़ा था और कांग्रेस के कैलाश चंद्र त्रिवेदी ने यह सीट जीत ली थी। त्रिवेदी को कुल 65420 व जाट को कुल 58414 वोट मिले थे।
कांग्रेस प्रत्याशी के निधन से रिक्त हुई सीट
इस बार उपचुनाव में जब पार्टी ने डॉ रतनलाल जाट को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की तो पितलिया ने फिर निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। सहाड़ा सीट से कांग्रेस विधायक कैलाश त्रिवेदी के निधन के चलते उपचुनाव हो रहे हैं। कांग्रेस ने यहां त्रिवेदी की पत्नी गायत्री देवी को उम्मीदवार बनाया है। सहाड़ा सहित राजस्थान की तीन सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान 17 अप्रैल को होगा, वहीं मतगणना दो मई को होगी।