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गो तस्करी करने वालों से रोटी-बेटी का रिश्ता खत्म! पंचायत का बड़ा फैसला

Mon, 11 Dec 2017 05:53 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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गोतस्करी को लेकर आए दिन हंगामा हो रहा है। इसका सीधा सामाजिक सद्भाव पर भी पड़ रहा है। इसे देखते हुए मेव समाज ने आज एक बड़ा फैसला लिया है।
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दरअसल, अलवर जिला और यहां का मेव समुदाय गोतस्करी के लगातार सामने आ रहे मामलों के कारण बदनाम हो रहा है। कुछ आसामाजिक तत्वों की इस करतूत की वजह से मेवात क्षेत्र अलवर भरतपुर और हरियाणा के 40 लाख से अधिक मेव समाज के लोगों की छवि पर असर पड़ा है। 

ऐसे में अलवर जिले की जिला मेव पंचायत ने गोतस्करों का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। गोतस्करों ओर उनके गांव का जिला मेव पंचायत जातीय बहिष्कार के साथ रोटी-बेटी का रिश्ता नाता भी खत्म करेगी। अलवर जिले के चौपानकी थाना क्षेत्र के अन्तर्गत आज पुलिस ने मुठभेड़ में एक गोतस्कर उमर खान निवासी पल्ला गांव नूह हरियाणा को गिरफ्तार किया है।
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गांव के बहिष्कार की चेतावनी

पंचायत डेमो
जिला मेव पंचायत अलवर के संरक्षक शेर मोहम्मद ने बताया कि मेवात में गोतस्करी की कई वारदात सामने आई है। उन्होंने लोगों से गोतस्करी रोकने की अपील की गई है। साथ ही जिला मेव पंचायत ने गोतस्करों का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।

पंचायत ने आज हरियाणा के नूह क्षेत्र के पल्ला गांव के जिम्मेदार लोगों से अपील की है कि वे आज पकड़े गए गोतस्कर का सामाजिक बहिष्कार करें। उनके द्वारा एक दो दिन में कोई निर्णय नहीं लिया तो अलवर जिले मेव पंचायत सबसे पहले पल्ला गांव का सामाजिक बहिष्कार करेंगी।

शेर मोहम्मद ने बताया कि पंचायत द्वारा रामगढ़ क्षेत्र में  रेवाड़ा गांव के रघुनाथगढ़ में  गांव में 36 गायों की गोकशी की वारदात करने वाले  सूबेदार खान और दीनदार खान का सामाजिक बहिष्कार किया था। तभी से आरोपी का बहिष्कार जारी है। यह परिवार हरियाणा भाग गया है।
 
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