थाने के बाहर नारेबाजी करते परिषद कार्यकर्ता।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बुधवार को अपने साथियों को छुड़ाने के लिए गांधीनगर पुलिस थाने का घेराव किया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को काले झंडे दिखाने के आरोप में पुलिस ने एबीवीपी के छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। इसके विरोध में ही एबीवीपी ने यह घेराव किया।
इसे लेकर एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री हुश्यार सिंह मीना ने कहा कि पढ़ने वाले छात्रों पर गैर जमानती धाराओं में गिरफ्तार किया गया है। इसे लेकर कार्यकर्ताओं ने गांधीनगर पुलिस थाने का घेराव किया। जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने कहा कि सभी विद्यार्थियों को जल्द से जल्द कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इसी शर्त पर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता धरने से उठे, लेकिन पुलिस ने उनके साथ धोखेबाजी की और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को कोर्ट में पेश नहीं किया। हम इस षड्यंत्र की कठोर शब्दों में निंदा करता है। कार्यकर्ता वीरांगनाओं को न्याय दिलाने के लिए अपनी आवाज बुलंद कर रहे थे। राजस्थान में बेरोजगारी, पेपर लीक, महिला सुरक्षा जैसे कई मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया, तब उन्होंने काले झंडे दिखाए।
राजस्थान का युवा प्रदेश के मुख्यमंत्री और सभी मंत्रियों से पूछना चाहता है कि अगर आप प्रदेश चलाने में असमर्थ है तो अपनी कुर्सी छोड़ दीजिए, लेकिन विद्यार्थी परिषद का कार्यकर्ता रुकने थकने वाला नहीं है। युवाओं और वीरांगनाओं के अधिकार के लिए हम हमेशा लड़ते रहेंगे।
मामला राजस्थान यूनिवर्सिटी से जुड़ा है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंगलवार को यूनिवर्सिटी में आए थे। तब एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाकर उनका विरोध किया था। इसके बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए छह कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। यह जानकारी मिलते ही परिषद के कई कार्यकर्ता थाने के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी करते हुए उन्होंने घेराव किया। उन्होंने रघुपति राघव राजा राम भजन गाते हुए पुलिस को सद्बुद्धि मिलने की कामना की। इस दौरान थाने का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था। बेरिकेटिंग की गई और पुलिस बल तैनात था।