उत्तर पश्चिम रेलवे सफाई व्यवस्था को लेकर सालाना करोड़ों रुपए खर्च कर रहा है। मकसद है कि स्टेशन पर किसी तरह की गंदगी नजर न आए। इसके लिए रेलवे स्टेशनों पर हाईकेट तरीके से सफाई के इंतजाम किए गए हैं।
रेलवे के मुताबिक स्टेशनों पर सफाई तथा स्वच्छता के लिए 27 स्टेशनों पर आधुनिकतम मशीनों से मैकेनाइज्ड क्लीनिंग की जा रही है, जिनमें ए 1 श्रेणी के 3 स्टेशनों जयपुर, जोधपुर एवं अजमेर स्टेशनों पर इस काम के लिए 7.09 करोड़ रुपए सालाना खर्च किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त ए श्रेणी के 21 स्टेशनों पर 6.32 करोड़ रुपए तथा बी श्रेणी के 3 स्टेशनों पर 1.17 करोड़ रुपए की राशि सालाना खर्च की जा रही है।
इसके अतिरिक्त जयपुर स्टेशन पर 22 तथा जोधपुर स्टेशन पर 18 ट्रेनों में क्लीन ट्रेन स्टेशन के तहत सफाई की जा रही है। स्टेशन पर होने वाले कचरे के निस्तारण के लिए भारतीय रेलवे के प्रथम सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट की स्थापना जयपुर स्टेशन पर की गई है। 0.5 टन कचरा निस्तारण क्षमता के इस प्लांट से बायो गैस प्राप्त की जा रही है, जो किरेलवे रनिंग रूम में काम में ली जा रही है। इस प्लांट के स्थापित होने के कचरा निस्तारण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की कवायद सफल रही है।