'जांको राखे साईयां मार सके ना कोय'इस कहावत को जोधपुर रेलवे स्टेशन पर यथार्थ होते देखा गया। जब एक रेलकर्मी का चलती ट्रेन में चढ़ने के कारण पांव फिसल गया और वो पटरियों के बीच जा फंसा। लेकिन वक्त रहते यात्रियों ने चेन खींचकर गाड़ी को रोक दिया और रेलकर्मी को सुरक्षित बाहर निकाला।
करीब सुबह सवा 10 बजे बाड़मेर से जोधपुर पहुंची कालका हरिद्वार एक्सप्रेस साढ़े 10 बजे प्लेटफॉर्म नंबर एक से रवाना हुई थी कि नीचे खड़े एसी कोच के अटेंडेंट दिनेश माथुर को ट्रेन के चलने का मालूम नहीं पड़ा और अचानक से वो चलती ट्रेन में चढ़ने लगा तो उसका पैर फिसल गया। जिससे वो पटरियों के बीच जा फंसा। गनीमत यह रही कि ट्रेन की स्पीड स्लो होने के कारण दिनेश को चेन खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
आरपीएफ ने दिनेश को बाहर निकाला तो एकाएक सब चौंक गए क्योंकि दिनेश के शरीर पर चोट के एक भी निशान नहीं थे। घटना के दौरान स्टेशन का निरीक्षण करने आए उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक समेत रेलवे के कई आला अधिकारी स्टेशन परिसर में ही मौजूद थे।
कुछ मिनटों के लिए बैठा और फिर से ड्यूटी पर चल पड़ा
मौत के मुंह से बाहर निकाल लेने के बाद आरपीएफ के जवानों ने दिनेश को संभाला और प्लेटफॉर्म की बेंच पर बैठाया। दिनेश ने कुछ मिनट बैठने के बाद वापस ट्रेन में जाकर ड्यूटी संभालने का आग्रह किया। जिसके बाद दिनेश को ट्रेन में बैठाकर ट्रेन को रवाना किया गया।