प्रदेश में 108 एम्बूलेंस घोटाले में सोमवार को प्रर्वतन निदेशालय ने जिकजा हैल्थेकयर लि. की करीब 12 करोड़ की सम्पत्ति को सलंग्न किया है। इसके बाद केस में आरोपी पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ती व पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट की मुश्किलें बढ़ सकती है। गौरतलब है कि इस घोटाले में वर्ष 2015 में सीबीआई ने राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि जब जिकजा हैल्थकेयर के साथ प्रदेश में एम्बूलेंस सेवा के लिए अनुबंध हुआ उस दौरान सचिन पायलट व कार्ती चिदंबरम कम्पनी में निदेशक थे।
हालांकि ये दोनों दावा करते रहें है कि उन्होंने वर्ष 2010 में ही कम्पनी के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। वहीं प्रवर्तन निदेशालय का दावा है कि कम्पनी ने करीब 23 करोड़ का घपला किया है। गौरतलब है कि ईडी ने वर्ष 2015 में सीबीआई के एफआईआर दर्ज करने के बाद सभी आरोपियों के लिए मनी लॉउड्रिंग का केस दर्ज किया था। इन आरोपियों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री दुर्रु मियां, कार्ती चिदंबरम, सचिन पायलट व कंपनी के दो और निदेशक सम्मलित है।