शरीर पर चोट के निशान दिखाता कैदी
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बाड़मेर की जेल में बंद एक कैदी ने पेशी के दौरान जज के सामने अपने कपड़े उतार दिए और बदन पर लगे जख्म दिखाए। कैदी का आरोप है कि ये जख्म उसे जेल स्टफ और इस जेल में बंद दूसरे कुछ कैदियों ने दिए है। इस दौरान उसने जेल से चल रहे गोरखधंधों की भी पोल खोली।
यह कैदी बाड़मेर जिला कारागाह में लंबे समय से किसी मामले में सजा काट रहा है। मंगलवार को विशिष्ट न्यायाधीश अनुसूचित जाति और जनजाति के समक्ष वह पेशी पर आया था। इस दौरान वह भावुक हो गया और अपनी बनियान उठाकर शरीर के जख्म दिखाने लगा। कैदी का आरोप है कि उसे जेल स्टाफ और कुछ अन्य कैदियों ने जमकर पीटा। उसने बताया कि जेल प्रशासन और पुराने कैदी नए कैदियों से हफ्ता वसूली करते है। महाराष्ट्र के एक कैदी से सात हजार रुपए वसूलने के प्रयास का भी आरोप लगाया। इसका विरोध किया तो वहां बनी गैंग ने जमकर उसकी पिटाई कर दी।
इस दौरान कैदी ने अदालत में ही अपनी जेब से कई सिम कार्ड निकालकर जज के सामने रखे और बताया कि बाड़मेर जेल में मोबाइल उपयोग करना सामान्य बात है और जेल प्रशासन की मदद से मोबाइल जेल के अंदर धड़ल्ले से चल रहे हैं। उसने मादक पदार्थ जेल में आसानी से उपलब्ध होने सहित कई गंभीर आरोप जेल प्रशासन पर लगाए।
दूसरी तरफ बाड़मेर जेल के जेलर राजूराम का कहना है कि उन्होंने यहां दो महीने पहले ही ज्वाइन किया है। इस दौरान यहां ऐसी कोई बात सामने नहीं आई। कैदी के आरोप झूठे है। उन्होंने बताया कि सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे जब दो कैदी आपस में लड़ रहे थे तो जेल प्रशासन ने उन्हें अलग करवाया। उन्हें अलग—अलग बैरक में भेज दिया गया। अदालत ने इस मामले में पुलिस को पीड़ित कैदी का मेडिकल करवाने के निर्देश दिए।