राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रधानाध्यापक भर्ती के दूसरे परिणाम में चयनित अभ्यर्थियों को पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों के समान सेवा परिलाभ और वरिष्ठता देने के आदेश दिए हैं। न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश सुरेशचन्द्र व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने प्रधानाध्यापक पद के लिए आवेदन किया। जिसमें याचिकाकर्ता का चयन आरपीएससी की ओर से घोषित पुन: परिणाम में हुआ, लेकिन पूर्व में चयनित अन्य अभ्यर्थियों के समान परिलाभ व वरिष्ठता नहीं दी गई। जिसे चुनौती देते हुए कहा गया कि याचिकाकर्ता को देरी से दी गई नियुक्ति में उसकी कोई गलती नहीं है। ऐसे में उन्हें भी पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों के समान लाभ दिया जाना चाहिए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ताओं को पूर्व में चयनित अभ्यर्थियों के समान सेवा परिलाभ व वरिष्ठता देने के आदेश दिए हैं।