राजस्थान हाइकोर्ट ने प्रारंभिक शिक्षा विभाग को आदेश दिए हैं कि वह 15 फरवरी को रिकॉर्ड पेश कर बताए की तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2016 में कितने अपात्र अभ्यथियों का चयन किया गया।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश मंजू कुमारी व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता अनूप ढंड ने बताया की राज्य सरकार ने 11 सितम्बर 2016 को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती निकली। जिसमें संबंधित विषय में 60 फीसदी अंको से आरटेट या रीट उत्तीर्ण होने की शर्त रखी। इसके अलावा संबंधित विषय स्नातक में भी होना चाहिए था। याचिका में कहा गया की भर्ती में आरटेट या रीट में 60 फीसदी से कम अंक लाने वालो का भी चयन कर लिया गया। इसके अलावा कुछ चयनित अभ्यथियों के पास स्नातक में भी संबधित विषय नहीं है।