राजस्थान सरकार भले ही कितने ही प्रयास करे लेकिन बाल विवाह की मानसिकता से अब तक ग्रामीण पीछा नहीं छुड़ा पाए हैं। सीकर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जहां एक अनजान व्यक्ति की सूचना पर पुलिस ने हस्तक्षेप पर नाबालिग का शादी रुकवाई और फिर वर और वधु वक्ष वालों को पाबंद कर दिया।
मामला सीकर के सदर थाना इलाके का है। इलाके के नाथावत पुरा गांव में रहने वाले महावीर प्रसाद बलाई के नाबालिग बेटे की शादी होनी थी। उसके घर में शादी की तैयारी को लेकर पूरे इंतजाम हो गए थे। मेहमानों का जमघट लगने लगा था। 6 अप्रेल को होने वाली इस शादी से ऐन वक्त पहले पुलिस इसकी भनक लगी। पुलिस बाल विवाह रुकवाने पहुंची पुलिस का लोगों ने विरोध भी किया और कार्रवाई को गलत बताया।
जानकारी के मुताबिक नाबालिग वर के बारे में किसी अनजान व्यक्ति ने चाइल्ड हैल्पलाइन को सूचना देकर बताया कि बाल विवाह करवाया जा रहा है। चाइल्ड हैल्पलाइन इस सूचना से हरकत में आई और फिर पुलिस तक मामले की जानकारी पहुंची। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई के लिए महावीर प्रसाद के घर पहुंची। वहां बच्चे के जन्मतिथि की जांच की। जांच में नाबालिग पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए इस शादी को होने से पहले ही रुकवा दिया। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वर व वधु पक्ष के लोगों को पाबंद कर दिया। गौरतलब है कि राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में अब भी चोरी छिपे बाल विवाह करवाए जाते रहते हैं। कई बार इस तरह की घटनाएं सामने आ जाती है।