जयपुर शहर में मंगलवार सुबह हुए हादसे ने शहर में पुलिस की स्थिति की पोल खोल दी है। जयपुर पुलिस कमिश्नरेट से महज एक किलोमीटर की दूरी पर हुए हादसे में पांच लोगों की जान चली गई। लेकिन हादसे की जगह तक पहुंचने में पुलिस को एक घंटे से भी अधिक का समय लग गया।
भयावह स्थिति तब हुई जब ट्रोला पलटने की सूचना के काफी देर बाद पहुंचे पुलिसकर्मी इसे सामान्य घटना मानते हुए नमक के कट्टे हटा रहे थे। लेकिन जब उन्होंने देख की नमक के नीचे कार दबी हुई है तो इनके होश फाख्ता हो गए। आनन-फानन में उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई। इसके बाद जो मंजर था वह सबके सामने था। कार में पांच लोग दबे हुए थे जिनकी मौत हो गई थी। मौके पुलिस तो पहुंची लेकिन उनके पास ना तो क्रेन थी और ना ही कार को निकालने के अन्य संसाधन।
इसके बाद एक प्राइवेट क्रेन की मदद से कार को नमक के कटटों के बीच से निकाला गया। बताया जा रहा है ट्रोले में करीब 41 टन नमक लदा हुआ था। ड्राइवर की लापरवाही के चलते ट्रोला बेकाबू हुआ और साइड में चल रही कार पर पलट गया।