लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट पर बिना ड्राईवर के चलने वाली पोड टैक्सी सभी को आकर्षित कर सकती है। ऐसी ही पोड टैक्सी अब राजस्थान के अजमेर शहर में भी नजर आ सकती है। राजस्थान सहित देश की छह राज्यों की सरकार पोड टैक्सी संचालन को अमलीजामा पहनाने वाली कम्पनियों के सम्पर्क में है। गौरतलब कि देश में मिलनेनियम सिटी गुरुग्राम में पोड टैक्सी प्रोजेक्ट की शुरुआत होने जा रही है। केन्द्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय की ओर से जल्द ही एक पैनल का गठन किया जाना है जो कि देश में ड्राईवर लैस टैक्सी सिस्टम के लिए मानकों पर विचार करेगा।
अजमेर में यहां चलेगी टैक्सी
पर्सनल रेपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम यानि पीआरटी पर चलने वाली पोड टैक्सी का संचालन अजमेर में दरगाह से रेलवे स्टेशन तक किया जा सकता है। पोड टैक्सी यहां करीब 4.7 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। जबकि मुम्बई में बांद्रा व बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स के बीच पोड टैक्सी चलना प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त जयपुर, देहरादून में भी पॉड टैक्सी प्राजेक्ट प्रस्तावित है।
ये है पोड टैक्सी
पोड टैक्सी एक रोपवे पर आधारित तकनीक पर चलती है। इसमें एक बार में पांच—छह लोग सफर कर सकते है। बिजली से चलनी वाली इस टैक्सी में ड्राईवर नहीं होता है। इसे सुविधानुसार कई स्टेशन पर रोका जा सकता है। इस टैक्सी की औसतन स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटा होती है। केन्द्रीय सड़क व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार पोड टैक्सी के प्रोजेक्ट में मेट्रो से कम लागत आती है। गडकरी के अनुसार जहां मेट्रो में प्रति किलोमीटर निर्माण में खर्च करीब 250 करोड़ रुपए आता है वहीं पोड टैक्सी में यह खर्च करीब 50 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर है।