तीन तलाक के साथ अब चार शादियों के रिवाज पर भी रोक लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई गई है। एक पीड़ित महिला और एक मासूम ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर दर्द बयां किया है कि उसके पति ने बिना तलाक दिए ही दूसरी शादी कर ली और विदेश में जा बसा। पीछे उसे और उसके बच्चे को छोड़ गया। अब पीड़िता और उसके बच्चे ने पीएम मोदी से पत्र लिखकर इंसाफ दिलाने की अपील की है।
मामला चुरू जिले के बींदासर कस्बे से जुड़ा है। कस्बे में रहने वाली खतीजा सिलावट और उसके बेटे अरमान ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर इंसाफ की गुहार की है। बीदासर के वार्ड नं. 10 में रहने वाले मोहम्मद अयूब बल्खी ने अपनी बेटी खतीजा की शादी 5 मई 2006 को बीदासर में ही रहने वाले आबिद सिलावट के साथ की थी। कुछ समय बाद उनके एक बेटा भी हुआ। अचनाक एक दिन, करीब आठ साल पहले आबिद ने खतीजा को घर से निकाल दिया। खतीजा के पिता अयूब बल्खी बताते हैं कि हमने उस वक्त आबिद से मिन्नतें की। बेटी के ससुराल वालों के पैर तक पकड़े लेकिन उनका दिल नहीं पसीजा।
अयूब बल्खी कहते हैं कि हमने बहुत कोशिश की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। तीन तलाक किसी भी धर्मशास्त्र में मान्य नहीं है। अगर कोई तलाक देता है तो पत्नी की मंजूरी सबसे पहले जरूरी है। करीब तीन साल पहले आबिद ने दूसरी शादी कर ली और विदेश चला गया।
इसके बाद उस पर किसी भी तरह का ना तो सामाजिक दबाव रहा न ही उसने किसी भी तरह की जिम्मेदारी पूरी की। खतीजा अपने पिता के घर पर अपने दिन काट रही है। जैसे तैसे मासूम की परवरिश कर रही है।
पीड़ित खतीजा का कहना है कि समाज में तीन तलाक जैसी प्रथाएं बंद होने चाहिए। वे कहती हैं कि मेरा पति तो आराम की जिंदगी बीता रहा है और हम यहां मजबूरियों में जी रहे हैं। एक तरफ बच्चे की पढ़ाई का खर्च उठाना भी मुश्किल हो रहा है। वहीं मैं भी बीमार रहती हूं।
खतीजा के मासूम बेटे अरमान ने पीएम से गुहार लगाई है कि मेरी मां के साथ अन्याय हो रहा है। आप उसे इंसाफ दिलाइए। उन्होंने पीएम को पत्र लिखकर अपनी बात कही है।