इस मार्मिक घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। रविवार शाम को करीब आठ साल के नर मोर ने अंतिम सांस ली। जैसे ही उसने दम तोड़ा तो उसके तमाम साथी मोर-मोरनी एकत्रित हो गए। वे करीब तीन घंटे तक गुमसुम होकर मृत मोर के आसपास घूमते रहे। मानो साथी की मौत का मातम मना रहे हों।
जज्बात केवल इंसानों में ही होते हैं, ऐसा नहीं है। पशु पक्षी भी अपने साथी या जीवन साथी की मौत पर भावुक होते हैं। उन्हें भी इंसानों की तरह गम होता है। इसी बात को साबित करने वाली घटना राजस्थान के नागौर जिले के कुचेरा की थला ढाणी में सामने आई है। यहां मोर और मोरनी का अनोखा प्यार देखने को मिला। सालों का साथ छोड़कर जब बूढ़ा मोर मर गया तो ग्रामीणों ने उसे दफनाया। मोर की अंतिम विदाई में मोरनी शामिल हुई और नम आंखों से अपने प्राण प्यारे को अलविदा कहा।
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इस मार्मिक घटना का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। रविवार शाम को करीब आठ साल के नर मोर ने अंतिम सांस ली। जैसे ही उसने दम तोड़ा तो उसके तमाम साथी मोर-मोरनी एकत्रित हो गए। वे करीब तीन घंटे तक गुमसुम होकर मृत मोर के आसपास घूमते रहे। मानो साथी की मौत का मातम मना रहे हों।
नागौर के वन एवं वन्य जीव रक्षा के जिला उपाध्यक्ष रामस्वरूप बिश्नोई ने बताया कि उनके खेतों पर विभिन्न जीव विचरण करते हैं। उनमें से ये मोर का जोड़ा तो उनके परिवार के सदस्यों की तरह था।
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बिश्नोई के अनुसार मोर का यह जोड़ा तो उनके साथ सुबह शाम खाना खाता था। जब वह कहीं बाहर गांव जाते और मोरों के साथ खाना खा नहीं पाते तो यह मोर बिल्कुल बच्चों की तरह रूठ जाते। वे दाना-पानी छोड़ देते। काफी मान मनुहार के बाद वह मानते थे। उन्हें मोरनी के मातम ने भावुक कर दिया।