पाकिस्तान ने गत 1 मई को दो भारतीय जवानों के शव क्षत़-विक्षत कर अपना घिनौना चेहरा दिखाया था। पिछले वर्ष पाकिस्तान ने राजस्थान के जिस सपूत का शव क्षत-विक्षत किया था, उसके घर नन्हा मेहमान आने वाला है। हालांकि घाव भरे नहीं हैं, लेकिन इस शहीद के घर खुशियों के पल आने वाले हैं। अमर उजाला ने शहीद के घर से जानी ये कहानी...
'सात महीने पहले पाकिस्तान ने मुझसे मेरी जिंदगी (पति) का चेहरा छीन लिया था। वो भी उनके 25वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले। मेरे साथ इतना बुरा होगा कि मैं अपने पति के अंतिम समय पर उनकी सूरत भी नहीं देख पाउंगी, ऐसा खयाल कभी जहन में आया ही नहीं था। लेकिन अब ईश्वर मुझे अगले महीने ही उनकी सूरत फिर लौटा रहा है, उनकी प्यार की निशानी के रूप में। ये मासूम चेहरा होगा, मेरे होने वाले बच्चे का, जो मेरी कोख में है। असल में, इसी खुशी ने मुझे सांसे लेते रहने की हिम्मत दी। मेरी पहली बेटी पलक दो साल की है और जो होनेवाला है या होनेवाली है, दोनों को देश पर फिर से न्यौछावर करने को तैयार हूं।'
ये भावुक कर देने वाली बातें, उस वीर सपूत की 21 वर्षीया वीरांगना ओम कंवर ने कहीं, जिसके पति प्रभु सिंह के साथ जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले पाक सैनिकों ने बर्बरता बरती थी। हाल ही, दो सैनिकों की तरह ही पाक सैनिक राजस्थान के जोधपुर जिले में शेरगढ़ स्थित खिरजा खास गांव के प्रभु सिंह का भी गत नवम्बर में सिर काट कर ले गए थे।
प्रभु सिंह का शरीर उनके जन्म दिन के दिन गांव पहुंचा था। ये मंजर शहीद की पत्नी के लिए दिल दहला देने वाला था। जब वीरांगना ने चीख पुकार करते हुए अंतिम बार पति का चेहरा देखने की जिद की, तो सेना सहित किसी के पास कोई जवाब ही नहीं था।
प्रभु सिंह जयपुर यूनिट 13 राजपूताना राइफल्स में तैनात थे। जब दो सैनिकों के साथ पाकिस्तान सेना के सलूक की खबरें इस परिवार तक पहुंची, तो इस परिवार के घाव फिर हरे हो गए और सभी की जुबान ही नहीं आंखें भी बोल रही थीं कि अब और कुर्बानी नहीं, पाक सेना से बदला लेने का वक्त आ गया है।