कथित गौ-तस्कर मौत मामले में विधायक ज्ञानदेव आहूजा के बयान से उलट बयान देते हुए पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक ने बृहस्पतिवार को कहा है कि पहलू खान की मौत हार्ट अटैक से नहीं हुई थी। उसके शरीर पर गम्भीर चोटें थीं। चिकित्सक के अनुसार हालांकि अभी विसरा की फाइनल रिपोर्ट आने का इंतजार है। ज्ञानदेव आहूजा वही हैं, जिन्होंने जेएनयू के लिए कहा था कि वहां बड़े पैमाने पर बीयर का सेवन और कंडोम का इस्तेमाल होता है।
गौरतलब है कि विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने कथित गौ-तस्कर पहलू खान की मौत के बाद जब मामले में उबाल आया था, तब ये बयान दिया था कि पहलू खान की मौत हार्ट अटैक से हुई थी, मारपीट से नहीं। उनके इस बयान ने भी सुर्खियां बटोर ली थीं। इसके बाद पोस्टमार्टम करनेवाले वाले डॉक्टर ने बृहस्पतिवार को कहा कि पहलू खान के सीने व पीठ पर गंभीर चोट के निशान थे। हालांकि अभी विसरा की फाइनल रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन प्राइमरी स्टेज पर कहा जा सकता है कि पहलू खान की मौत हार्ट अटैक से नहीं हुई है।
इधर, अलवर के बहरोड़ में गौ-रक्षकों ने शनिवार को पीट-पीटकर 55 वर्षीय पहलू खान को गम्भीर घायल कर दिया था। इसके बाद सोमवार देर रात उसकी मौत हो गई थी। पहलू खान की मौत के बाद मामला राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना गया और संसद में भी ये मामला गूंजा।
पहलू खान के रिश्तेदार हुसैन खान का यह दावा भी है कि पहलू खान ने मरने से पहले बताया था कि मारपीट के दौरान जब पहलू खान ने गौ-रक्षकों को ट्रांजिट परमिट दिखाया, तो उन्होंने उसे फाड़ने का भी प्रयास किया था।
पहलू खान हरियाणा के नूह के जयसिंहपुरा गांव का निवासी था। पीड़ित पक्ष ने बताया कि उनके पास जयपुर नगर निगम से लिया गया ट्रांजिट परमिट था। इस परमिट को लेने के लिए उन्होंने जयपुर नगर निगम में 700 रुपए जमा भी कराए थे।