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प्रसून का बुलावा: 'वो' बोले, 'पद्मावती' राजपूत वर्सेज भंसाली नहीं, बल्कि हिस्ट्री वर्सेज भंसाली है

Mon, 25 Dec 2017 05:01 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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पद्मावती, इनसेट में प्रो. आरएस खंगारोत - फोटो : अमर उजाला
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सेंसर बोर्ड विवादित फिल्म 'पद्मावती' को इतिहासकारों के एक पैनल को दिखाने वाला है। इसे लेकर सूचना व प्रसारण मंत्रालय की ओर से आदेश दिए गए हैं।
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मंत्रालय के आदेश के बाद सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी का फोन जयपुर के इतिहासकार आर.एस. खंगारोत और बी.एल. गुप्ता के पास भी आया। खंगारोत ने अमर उजाला को बताया कि उन्हें प्रसून जोशी का फोन आया है। खंगारोत ने कहा कि फिल्म को लेकर जो विवाद है, वो राजपूत समाज या करणी सेना वर्सेंज संजय लीला भंसाली नहीं है, बल्कि हिस्ट्री वर्सेज संजय लीला भंसाली के बीच है।

उन्होंने कहा कि इतिहास को लेकर फिल्म बने या नाटक, उसमें इतिहास की मौलिकता का ध्यान रखा जाना चाहिए। इतिहास हमेशा तथ्यों पर आधारित होता है और जब इतिहास के मूल में ही तथ्य हैं, तो फिल्मांकन में तथ्यों को नहीं बदला जाना चाहिए।
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घूमर वैसा था ही नहीं, जैसा दिखाया गया

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उन्होंने कहा कि फिल्म के ट्रेलर के बाद यह आभास हो रहा है, जो दिखाया गया होगा वो सही नहीं है। जिस तरह का घूमर डांस फिल्म में दिखाया गया है कि वैसा मूल रूप से नहीं था। मेवाड़ में तो वैसा होता ही नहीं था। इसमें ऐसा लग रहा है कि फिल्म में इतिहास से अलग कुछ दिखाया गया है।

गौरतलब है कि फिल्म प्रमाणन बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी ने राजस्थान की राजधानी जयपुर के दो इतिहासकारों को फिल्म देखने का न्यौता दिया है। जोशी ने एक फोन करके दोनों इतिहासकारों से फिल्म को देखने के बाद अपना उनकी राय भी मांगी है।
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