फिल्म पद्मावत को विवादों के बावजूद रिलीज करने की हरी झंडी दिखाने वाले सेंसर बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी ने कहा कि मैंने अपना काम बड़ी ईमानदारी से किया है और मेरा फैसला काफी संतुलित था। फिल्म को सेंसर बोर्ड द्वारा सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही प्रमाण पत्र दिया गया था।
हम फिल्म का विरोध करने वालों से हर तरह का संवाद करने के लिए तैयार थे मगर ऐसा हो ना सका। जोशी ने अब भी फिल्म का विरोध कर रहे राजपूत संगठनों से अपील की है कि, सेंसर बोर्ड उनसे बातचीत करने को पूरी तरह से तैयार है और उन्होंने कहा कि हमें एकदूसरे पर विश्वास करना ही होगा ताकि ये विवाद और ज्यादा ना गहराए।
बता दें कि जोशी को राजपूत संगठनों द्वारा जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल ना होने की धमकी मिल चुकि है जिसके बाद सरकार ने उनकी सुरक्षा बढ़ाते हुए उनको जेड सिक्योरिटी मुहैया कराने का फैसला लिया था।