राजस्थान हाईकोर्ट में आज रोडवेज की ओर से कहा गया कि उनकी वैशाली नगर आगार की भूमि जेडीए के जरिए नीलामी कर बेची जाएगी। तीन चरणों में भूमि बेचने के बाद 15 जनवरी तक सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बकाया भुगतान कर दिया जाएगा। रोडवेज के बयान को रिकॉर्ड पर लेते हुए अदालत ने मामले की सुनवाई 15 जनवरी तक टाल दी है।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश रणसिंह व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान रोडवेज की ओर से अधिवक्ता विनायक जोशी ने अदालत को बताया कि पूर्व कर्मचारियों के पेंशन-परिलाभ के लिए इस भूमि को बेचा जा रहा है। भूमि की नीलामी सूचना जारी कर दी गई है। भूमि के आकार को देखते हुए इसे तीन चरणों में नीलाम किया जाएगा। इसके अलावा भूमि का भू-उपयोग परिवर्तन के लिए खर्च होने वाले 31 करोड़ रुपए माफ करने के लिए जेडीए से प्रार्थना की गई है।
यदि जेडीए शुल्क माफ नहीं करता तो नीलामी के बाद यह शुल्क जेडीए में जमा करा दिया जाएगा। इस पर अदालत ने मामले की सुनवाई 15 जनवरी तक टाल दी है।