पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग ओर से 18 अप्रैल को मनाए जाने वाले विश्व विरासत दिवस के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय आयोजनों की शुरुआत रविवार से हुई।
पहले दिन आहड़ संग्रहालय में बच्चों के लिए चित्रकला और रंगोली प्रतियोगिता हुई। इसमें मासूमों ने रंगों के जरिये अपनी भावनाओं को व्यक्त किया। पहले दिन कक्षा 3 से 5, कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12 तक तीन वर्गों के लिए ‘हमारी विरासत’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता में भाग लेने बड़ी संख्या में बच्चे पहुंचे। बच्चों ने कैनवास पर अपनी कल्पनाओं के रंग भरे। बच्चों के चित्रों को देखकर सभी ने यही कहा कि बच्चे अपनी विरासत के प्रति जागरूक भी हैं और उनका संरक्षण भी चाहते हैं।
30 अप्रैल तक लगी रही प्रदर्शनी
बच्चों द्वारा बनाई गई रंगोली
- फोटो : amar ujala
पुरातत्व विभाग उदयपुर के वृत्त अधीक्षक मुबारिक हुसैन ने बताया कि सोमवार शाम सवा पांच बजे हैरिटेज दृश्यों की पेंटिंग्स की प्रदर्शनी का उद्घाटन वरिष्ठ चित्रकार प्रो.
शैल चोयल, प्रो. सुरेश शर्मा, डाॅ. विष्णु माली करेंगे। अघ्र्य आर्ट ग्रुप के कलाकारों द्वारा लगाई जाने वाली पेंटिंग्स 30 अप्रैल तक आहड़ संग्रहालय में सजी रहेगी। इस ग्रुप में दीपिका माली, सुनील निमावत, शीतल गुहिल और रवि बोयका शामिल हैं।
पुरातत्व विभाग, टखमण संस्था, सृजन शोध सेवा संस्थान, लक्षप्रा फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में यह तीन दिवसीय आयोजन यहां उदयपुर में हो रहा है। इस शृंखला में 18 अप्रैल को सुबह 10 बजे चित्रकला व रंगोली प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार वितरण तथा विभागीय पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम भी होगा।