राजस्थान हाईकोर्ट ने केन्द्रीय सूचना आयोग के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें सीआईसी ने भारतीय सेना को मेजर के कोर्ट मार्शल के संबंध में किए गए विभागीय पत्राचार की जानकारी देने को कहा था। इसके साथ ही अदालत ने सूचना मांगने वाले रिटायर्ड सैन्य अधिकारी सरजीत सहारण को नोटिस जारी किए हैं।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश सेना की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में एएसजी राजदीपक रस्तोगी ने अदालत को बताया कि सेना ने भ्रष्टाचार के मामले में मेजर सौरभ सहारण को तीन साल की सजा सुनाई थी। आरोपी मेजर के पिता ने आरटीआई के तहत इस कार्रवाई के संबंध में किए गए विभागीय पत्राचार की जानकारी मांगी। जिसे सेना ने देने से इनकार कर दिया। मामला सीआईसी तक जाने पर आयोग ने संबंधित सूचना आवेदक को देने के आदेश दिए।
सेना की याचिका पर हाईकोर्ट ने इस आदेश को रद्द कर मामला पुन: सीआईसी में भेज दिया। जहां सीआईसी ने गत 23 जून को आदेश जारी कर सेना को संबंधित जानकारी देने के आदेश दिए। इस आदेश को सेना की ओर से चुनौती देते हुए कहा गया कि आरटीआई में विश्वास में दी गई जानकारी मांगी गई है। जिसे जनहित का होने पर ही दिया जा सकता है। इसके अलावा मेजर की याचिका सशस्त्र न्यायाधिकरण में लंबित है। ऐसे में आवेदक वहां से सूचना ले सकता है।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने सीआईसी के आदेश पर रोक लगाते हुए आवेदक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।