मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने महत्वपूर्ण विभागों को परियोजनाओं की ऑनलाइन मॉनीटरिंग के लिए विशेष मल्टी-लेयर कम्प्यूटराइज्ड मैप तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन नक्शों में कार्य के आरम्भ एवं पूरा होने की तारीख सहित अलग-अगल चरणों में हो रही प्रगति का पूरा विवरण दर्ज होगा। साथ ही, विभिन्न कार्यों के लिए बजट के आवंटन, स्वीकृति तथा भुगतान की स्थिति तथा लाभान्वित लोगों एवं भौगोलिक क्षेत्रों का विवरण भी मैप में ही अपडेट किया जाए। राजे ने बृज 84 कोस परिक्रमा की परियोजना का भी 3-डी मैप तैयार करने को कहा।
राजे शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर ऊर्जा, जलदाय, सार्वजनिक निर्माण और जल संसाधन विभागों की बजट घोषणाओं की क्रियान्विति की समीक्षा कर रही थीं। उन्होंने आधारभूत सेवाएं प्रदान करने वाले ऊर्जा, जलदाय, सार्वजनिक निर्माण और जल संसाधन आदि विभागों को ऎसे इंटरएक्टिव मैप तैयार कर इनमें कार्यों की प्रगति से सम्बन्धित डाटा नियमित रूप से अपडेट करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कम्प्यूटराइज्ड मैप से प्रोजेक्ट्स की नियमित और रियलटाइम निगरानी सुनिश्चित होगी और परियोजनाएं तय समय सीमा के अनुरूप पूरी होने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनाओं की मासिक समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्य में विलम्ब करने वाली कम्पनियों से नियमानुसार पेनल्टी वसूल की जाए।
राजे ने मुख्यमंत्री विद्युत सुधार अभियान के तहत प्रदेशभर में बिजली तंत्र को सुधारने के साथ छीजत की दर 15 प्रतिशत से नीचे लाने के लिए विशेष प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होेंने कहा कि इसके लिए उपभोक्ताओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए जनप्रतिधिनियों का भी सहयोग लिया जाना चाहिए। उन्होंने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना के तहत गांवों और ढाणियों के विद्युतीकरण का कार्य अगले वर्ष जून तक पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में वाटर एटीएम के लिए लगने वाले आरओ प्लांंट के रख-रखाव की जिम्मेदारी 5 वर्ष तक सम्बन्धित कम्पनी द्वारा करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले वर्ष पूरी होने वाली प्रगतिरत पेयजल परियोजनाओं का कार्य आगामी मार्च महीने तक पूरा करने के निर्देश दिए ताकि गर्मियों में लोगों का पानी उपलब्ध हो सके।