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अमेरिका में बैठा NRI डॉक्टर जैसलमेर में छुड़वा रहा नशा

Sun, 23 Apr 2017 07:29 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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एनआरआई डॉक्टर - फोटो : file photo
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अमेरिका में प्रेक्टिस कर रहे एक एनआरआई डॉक्टर वहीं से राजस्थान में स्वर्ण नगरी जैसलमेर के नशेड़ियों का इलाज कर रहे है। उनकी इस पहल पर अब तक 67 लोग इस बुराई को छोड़ चुके है। 
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यह इलाज वे मुफ्त कर रहे है। दरअसल गोड़ावण संरक्षण के लिए काम कर रही जैसलमेर की एक संस्था ने जिले में नशे की बढ़ती प्रवृति को देखते हुए यह व्यवस्था की है। गोड़ावण संरक्षण सोसायटी के सचिव मालसिंह ने बताया कि यहां नशेड़ियों की बदतर दशा देखकर ये प्रयास शुरु किए गए थे। इसके लिए उन्होंने अमेरिका में एनआरआई डॉक्टर दिलीपसिंह राठौड़ से सम्पर्क किया। राठौड़ राजस्थान के जालौर के रहने वाले है। 

वे मार्च में यहां आए तो सोसायटी ने उनके सहयोग से रामगढ़, मोहनगढ़, चांधन, नृसिंहा की ढाणी आदि में कैम्प लगाए और लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया। इन कैम्पों में 203 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। मालसिंह ने बताया कि इनमें से 67 लोगों ने नशा छोड़ दिया है। बाकी लोगों को भी समझाइश की जा रही है। 
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वीडियो कांफ्रेंस से होता है इलाज

एनआरआई डॉक्टर - फोटो : file photo
डॉक्टर दिलीपसिंह राठौड़ जैसलमेर में अपने मरीजों से वीडियो कांफ्रेंसिंग से मरीजों को सलाह देते है। मालसिंह ने बताया कि राठौड़ मनोचिकित्सक है और बहुत अच्छी हिन्दी जानते है। ऐसे में वे मरीजों के साथ बेहतर ढंग से संवाद करते है। मरीजों के साथ जब उनकी कांफ्रेंसिंग होती है तब एक ​​नर्सिंग कर्मी भी मरीजों के साथ रहता है, जो मरीजों की जांच रिपोर्ट आदि की तकनीकी जानकारी डॉक्टर राठौड़ को बताता रहता है। 

इसके आधार पर मरीजों को परामर्श और दवाइयां देते है। गौरतलब है कि जैसलमेर में अफीम का उपयोग बहुत ज्यादा होता है। यहां मेहमानों को अफीम खिलाने की परम्परा है। इसके चलते यहां नशा मुक्त समाज बनाने के लिए सरकारी स्तर पर किए जा रहे प्रयास कागजी साबित हो रहे है। संस्था के कहना है कि जिन्होंने नशा छोड़ा है उन पर निगरानी रखी जाती है और करीब छह महीने बाद इस कार्यक्रम की समीक्षा की जाएगी। 
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