राजस्थान हाईकोर्ट ने अंबाबाडी क्षेत्र में द्रव्यवती नदी के बहाव क्षेत्र को पाटकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने पर राज्य के मुख्य सचिव, जिला कलक्टर, जेडीसी और नगर निगम के विद्याधर नगर जोन के आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश मोहम्मद जावेद की ओर से दायर जनहित याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में अधिवक्ता गोपालसिंह बारहेठ ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार की ओर से करोड़ों रुपए लगाकर द्रव्यवती नदी का सौन्दर्यकरण और रखरखाव किया जा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ अंबाबाड़ी इलाके में नदी के बहाव क्षेत्र को मलबे से पाट दिया गया है। बहाव क्षेत्र के पाटे गए हिस्से में रसूखदार कार बाजार चला रहे हैं। इसके अलावा यहां निजी बस स्टैंड भी बना दिया गया है।
याचिका में कहा गया कि बहाव क्षेत्र को पाटकर लाडनूं विधायक मनोहरसिंह के नाम का बोर्ड लगाया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि विधायक के प्रभाव के कारण यहां से अतिक्रमण हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। याचिका में गुहार की गई है कि नदी के बहाव क्षेत्र से अतिक्रमण हटाए जाएं। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए एक अगस्त तक जवाब तलब किया है।