राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के प्रबंध मण्डल की बैठक में शनिवार को बड़े निर्णय लिए गए। इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय ये रहा कि बोर्ड अब 2017 की परीक्षा में वरीयता सूची जारी नहीं करेगा।
दरअसल, बोर्ड प्रबंध मण्डल ने परीक्षा समिति के वर्ष 2017 की परीक्षा से योग्यता सूची जारी नहीं करने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। इसके तहत अब बोर्ड परीक्षाओं के संबंध में स्थाई और अस्थाई योग्यता सूचियां जारी नहीं की जाएगी, बल्कि बोर्ड द्वारा आयोजित दीक्षान्त समारोह में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले प्रथम तीन विद्यार्थियों को पदक प्रदान किए जाएंगे।
साथ ही, राज्य सरकार अथवा संस्थाओं द्वारा परीक्षार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप छात्रवृत्तियां, लेपटाॅप, गार्गी पुरस्कार आदि दिए जाने हेतु अंकों के आधार पर सूची उपलब्ध करा दी जाएगी। यह भी निर्णय लिया गया कि परीक्षा 2018 से प्रायोगिक परीक्षा उसी जिले के राजकीय विद्यालय में सेवारत शिक्षकों से करवाई जाएगी। यदि किसी जिले में परीक्षकों की कमी है तो निकटतम जिले के राजकीय विद्यालय के शिक्षकों को नियुक्त कर परीक्षा करवाई जाऐगी। विशेष परिस्थितियों में राजकीय विद्यालयों को अध्यापकों की कमी होने की स्थिति में निजी विद्यालयों के अध्यापकों से परीक्षा करवाई जा सकती है।
बोर्ड सचिव मेघना चौधरी ने बताया कि बोर्ड के घाटे में भी कमी आई है। वर्तमान बजट में 12.46 करोड़ रुपए का घाटा दर्शाया हुआ है जो कि गत वित्तीय वर्ष में 46 करोड़ रुपए था।