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निर्भया कांड: बूढ़ी मां ने सुनी फांसी की खबर...कुछ न बोली...बस रोती रही

Sat, 06 May 2017 02:41 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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निर्भया कांड के दोषी मुकेश की मां - फोटो : अमर उजाला
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निर्भया गैंग रेप के दोषी सगे भाइयों की शर्मनाक हरकत ने पूरे परिवार को अलग-थलग रहने पर मजबूर कर दिया। मां को जैसे ही पता चला कि सुप्रीम कोर्ट ने बेटे की फांसी की सजा को बरकरार रखा है, सुनते ही मां तो मानो सन्न रह गई। कुछ कह ही नहीं पाई। एक बेटे की जेल में आत्म हत्या और दूसरे को फांसी...बेबस मां बस रोती रही।
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इस वीभत्स घटना के मुख्य आरोपी और दो सगे भाइयों की मां कल्याणी करौली जिले के गांव कल्ला ढह में अकेले जिंदगी बीता रही है। आरोपी रामसिंह और मुकेश, जो मुख्य आरोपी थे, कि मां करौली के गांव के बाहर एक झोंपड़ी में जिंदगी काट रही है। कई बार पूछा कि क्या कहना है...तो मुंह से एक शब्द नहीं फूटा। अपने बेटों की दरिंदगी को कोसने वाली मां को बेटों का दर्द तो था, लेकिन इस बात का गुस्सा भी कि बेटों ने इस दरिंदगी को अंजाम दिया। 

कांड के दोनों दोषियों का पिता मांगी लाल तीन महीने पहले दिल में बेटों की दरिंदगी का अफसोस लिए गुजर गए। लोगों का कहना है कि बाप को मरते दम तक इस बात का गम रहा कि उन्होंने कैसा कृत्य कर डाला। इसके बाद मां अकेले जीवन काट रही है।
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परिवार के तीन पुरुषों में से दो अब मर चुके हैं और तीसरा इस वीभत्स कांड में फांसी की सजा पा चुका है। ऐसे में बेबस मां का रोना लाजमी है। मां के दिल में दर्द है कि बेटों के कुकृत्य के चलते वह अब किसी से दुनिया में नजर नहीं मिला सकेगी। यहां तक की दो और बेटे हैं जो भी घर से दूरी बना चुके हैं।

निर्भया कांड ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। क्या राजधानी क्या गांव... सभी जगह जमकर दरिंदगी का विरोध किया गया। दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग भी जोर शोर से उठी। दोषियों को ही नहीं उनके परिवार वालों को भी इसका असर झेलना पड़ा। कुछ को कुदरत ने ही ऐसी मार दी, उसे झेलना ही भारी पड़ गया।
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