दरगाह कमेटी की ओर से जारी आदेश
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विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर शाम के बाद अकीदतमंदों के इबादत करने पर रोक कुछ घंटों में ही वापस ले ली। इस आदेश को लेकर जमकर विरोध हुआ।
दरगाह कमेटी के नाजिम ने आस्ताना शरीफ मामूल होने के एक घंटे के बाद शाम को अकीदतमंदों को बाहर निकालकर दरगाह बंद करने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद इसका विरोध शुरू हो गया। खादिम समुदाय और अकीदतमंदों समेत विभिन्न मुस्लिम संगठनों ने इसका विरोध किया था। इसे देखते हुए ख्वाजा साहब, अजमेर दरगाह कमेटी के नाजिम मंसूर अली खान ने इस आदेश को वापस लेने की घोषणा शनिवार शाम को की।
इससे पहले दरगाह को ए—ग्रेड की सुरक्षा श्रेणी बताते हुए यहां पर शाम के बाद अकीदतमंदों के इबादत करने पर रोक के आदेश दिए थे। इस आदेश दरगाह थाना पुलिस को भी भेजा गया तथा दरगाह कमेटी के सूचना—पट्ट पर भी चस्पा किया गया था।