कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते आरएम लोढा
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उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश आरएम लोढा ने कहा कि तकनीकी के उच्चतम विकास एवं डिजिटलाइजेशन के युग के अनुसार न्यायिक प्रणाली में भी बदलाव करने की जरूरत है।
जस्टिस लोढा आज जोधपुर में राजस्थान न्यायिक एकेडमी के सभागार में एसोसिएशन आॅफ रिटायर्ड जजेज आॅफ सुप्रीम कोर्ट एवं हाईकोर्ट्स की कॉन्फ्रेंस एवं वार्षिक साधारण सभा को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था में प्राचीन पद्धति को बदलने की आवश्यकता है। न्यायिक प्रशासन में हर स्तर पर आॅनलाइन सिस्टम विकसित करने के साथ ही न्यायाधीशों एवं न्यायिक अधिकारियों को इंटरनेट के विभिन्न आयामों का अधिकाधिक उपयोग करने की प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने अमेरिका, लंदन, आस्ट्रेलिया, चीन आदि की न्यायिक व्यवस्था पर चर्चा करते हुए कहा कि हमारे यहां भी ज्यूडिसरी में पेपरलेस के साथ पिपुललेस कार्यवाही की आवश्यकता है। इसके लिए इलेक्ट्रोनिक, इंटरनेट एवं डिजिटलाइजेशन की आधुनिक तकनीक को अधिकाधिक रूप में अपनाना जरूरी हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश एके माथुर ने समारोह की अध्यक्षता की।
इस मौके पर एसोसिएशन के अध्यक्ष जस्टिस मघराज कल्ला, संरक्षक जस्टिस विनोद शंकर दवे, राजस्थान उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास ने भी अपने विचार व्यक्त किए। एसोसिएशन के महासचिव जस्टिस एके श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2000 में स्थापित इस एसोसिएशन में पांच सौ से अधिक सदस्य हैं।