नौतपा शुरू होने के बाद गर्मी का कहर दिन - दिन बढ़ता ही जा रहा है। बढ़ते तापमान ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं और एसी कुलर भी फेल हो गए हैं। इन परेशानियों के बीच एक सुकून भरी खबर यह है कि नौतपा में सूरज की तेजी इसके बाद राहत भरी फुहारें लेकर आएगी। दरअसल सूर्य के 25 मई को दोपहर 12.27 बजे रोहणी नक्षत्र में प्रवेश करने के बाद नौतपा शुरू हो गया था। इसके बाद से तापमान लगातार बढ़कर पचास तक पहुंचने में लगा है। ज्योतिष के जानकारों की मानना है कि नौतपा जितना भारी होगा मानसून उतनी ही राहत लेकर आएगा।
ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक नौतपा के 9 दिन वर्षा के 9 नक्षत्रों मृगशिरा, आर्द्रा, पुनर्वसु, पुष्य, अशखेषा, मघा, पूर्वा, उत्तरा, हस्त के माने गए हैं। सूर्य जिस नक्षत्र के दिन अधिक तपता है उस नक्षत्र में अच्छी बारिश होती है। मौसम और ज्योतिष विज्ञान के मुताबिक यदि नौतपा खूब तपा यानि गर्मी ज्यादा रही तो मानसून बेहद अच्छा रहेगा साथ ही मानसूनी सीजन में खूब बारिश होगी।
वैसे तो सूर्य 15 दिन रोहणी नक्षत्र में रहेगा लेकिन शुरू के 9 दिन अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक तपते हैं और इसीलिए इस अवधि को नौतपा कहा जाता है। इन नक्षत्र में सूर्य के 9 से 17 अंश तक रहने पर गर्मी अधिक पड़ती है। गर्मी का असर बाजारों पर भी दिख रहा है। रोहिणी नक्षत्र शुरू होने के पहले 9 दिन नौतपा कहलाते हैं, यदि रोहिणी नक्षत्र और नौतपा के वैज्ञानिक कारण को तलाशा जाए तो मई माह के अंतिम सप्ताह में सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी कम हो जाती है। इस कारण धूप और तीखी हो जाती है।