राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और केन्द्रीय शहरी व विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने बुधवार सुबह हैलिकॉप्टर से जयपुर शहर का चक्कर लगाया। जिसका मुख्य उद्देश्य से मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाले द्रव्यवती प्रोजेक्ट को देखना था।
इस मौके पर मुख्यमंत्री राजे ने नायडू को प्रोजेक्ट की जानकारी दी। नायडू ने प्रोजेक्ट को देखने के बाद राजे को इस अनूठे कार्य के लिए बधाई दी। गौरतलब है 47 किमी लंबी द्रव्यवती नदी जो नाले में तब्दील हो गई थी, उसे पुर्नजीवित करने का यह प्रोजेक्ट है। सरकार इस प्रोजेक्ट पर 1500 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर रही है। इस प्रोजेक्ट का काम टाटा कंसल्टेंसी शंघाई की एक कंपनी के साथ मिलकर कर रही है। इस प्रोजेक्ट के वर्ष 2018 तक तक पूरा होने की उम्मीद है।
इस नदी की कायाकल्प के लिए 180 एमएलडी क्षमता के 11 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाएं जाएंगे। यहां से जो पानी ट्रीट होगा उसे दस रुपए प्रति हजार लीटर की दर से बेचा जाएगा। साथ ही नदी के किनारे फ्लोटिंग गार्डन बनाने के साथ इसमें पर्यटकों के लिए बोट भी चलाई जाएगी।
इसके अतिरिक्त नदी के दोनों किनारों पर जॉगिंग पार्क बनाए जाने का भी प्रस्ताव है। विभिन्न प्रकार के गार्डन व कियोस्क भी बनाए जा रहें है। इस प्रोजेक्ट में कल्चरल प्लाजा के अतिरिक्त टाउन स्कवायर बनाने का प्रस्ताव है।
गौरतलब है कि द्रव्यवती नदी करीब 47.5 किमी लंबी है। प्रोजेक्ट के बाद इसकी चौड़ाई करीब 150—210 मीटर रहेगी। जबकि नदी की 16 किमी लंबाई में दोनों और सड़कें उपलब्ध कराई जाएंगी।