वीवीआईपी कल्चर के खात्मे के लिए लाल-नीली बत्ती हटाने के केंद्र सरकार के आदेश का विरोध करनेवाले राजस्थान के भाजपा के बागी निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने चेतावनी दे डाली है कि यदि देश में कहीं भी लाल या नीली बत्ती किसी भी गाड़ी पर दिखाई दी, तो मैं फिर लाल बत्ती लगा लूंगा।
बेनीवाल ने शुरू में लाल-नीली बत्ती हटाने के आदेश का यह कहते हुए विरोध किया था कि मोदी या वसुंधरा ने लाल बत्ती नहीं दी, जो वे खुद की गाड़ी से इसे हटा लें। लेकिन एक-दो दिन पहले ही उन्होंने अपनी गाड़ी से लाल बत्ती हटाई और सफाई दी कि वे इसलिए लाल लाल बत्ती हटा रहे हैं, क्योंकि प्रदेश में अब उन्हें किसी गाड़ी पर लाल बत्ती नहीं दिखाई दे रही है। हालांकि मोदी सरकार के ताजा आदेश से पहले के नियमों के तहत भी विधायक को लाल बत्ती लगाने का कोई अधिकार नहीं था।
नागौर जिले के खींवसर विधानसभा क्षेत्र से आने वाले विधायक हनुमान बेनीवाल का कहना है यदि लाल-नीली बत्ती के आदेश की देश में कहीं भी अव्हेलना हुई, तो वे फिर लाल बत्ती लगा लेंगे। उन्होंने दोहराया कि मोदी या राजे ने उन्हें लाल बत्ती नहीं दी है। लाल बत्ती लगाने का हक उन्हें जनता ने दिया है। भ्रष्टाचार व बेरोजगारी को रोकने के बजाए ऐसे आदेशों के जरिए ये सरकार जनता को भटका कर रही है।
गौरतलब है कि पिछले महीने मोदी सरकार के फैसले के तहत 1 मई से लाल और नीली बत्ती के इस्तेमाल पर रोक रहेगी। राष्ट्रपति, पीएम, सीएम, मंत्री, आईएएस, आईपीएस की गाड़ियों से लालबत्ती हट जाएगी।
इस आदेश को लेकर बेनीवाल ने आरोप लगाया था कि इस आदेश से देश और जनता का कोई भला नहीं होगा। भाजपा सरकार को वे काम करने चाहिए, जिससे देश का भला हो। सरकार पहले सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी को लेकर जनता को गुमराह कर चुकी है और अब लाल बत्ती के फैसले से ऐसा ही कर रही है।