राजस्थान के जनजाति मंत्री नन्दलाल मीणा का मन अब राजनीति में नहीं लग रहा। वे चाहते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा उनके स्थान पर टिकट किसी और को दें। हालांकि बातों ही बातों में ये टिकट वे अपने ही परिवार में से किसी को देने पर जोर दे रहे हैं।
प्रतापगढ़ राजपुरिया में प्रतापगढ़—मंदसौर रोड के शिलान्यास समारोह में मंत्री नन्दलाल मीणा ने आगे चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर डाली। उन्होंने कहा कि उनका मन अब राजनीति में नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे में काम करने वाले नए चेहरे को ही टिकट मिलना चाहिए। बात यहां तक रहती तो ठीक थी। स्थानीय लोगों की मानें तो मीणा ने इस कार्यक्रम में अपने उत्तराधिकारी की भी घोषणा कर डाली। दरअसल इस कार्यक्रम में उनका बेटा हेमंत और बहु सारिका भी मौजूद थी। उन्होंने बातों ही बातों में इन दोनों में से किसी एक को आगामी चुनाव में टिकट मिलने के संकेत दे दिए।
उधर, मीणा के इस बयान के बाद स्थानीय राजनीति में कयासबाजी शुरु हो गई है कि प्रतापगढ़ विधानसभा सीट से अगला चुनाव वे नहीं लड़ेंगे। वे बेटे हेमंत या बहू सारिका को टिकट दिलवाने का प्रयास करेंगे। वैसे भी ये दोनों इन दिनों वहां की राजनीति में सक्रिय हो रहे हैं। पिता के साथ कई कार्यक्रमों में नजर आ चुके हैंं।